सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: एमपी हाईकोर्ट ने 70-80-90% वेतन नियम रद्द किया
MP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: प्रोबेशन में वेतन कटौती अवैध, 100% सैलरी देनी होगी
मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के उस नियम को अवैध घोषित कर दिया है, जिसके तहत नई नियुक्ति वाले कर्मचारियों को प्रोबेशन पीरियड (परिवीक्षा अवधि) में कम वेतन दिया जाता था।
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| एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला 2026: प्रोबेशन अवधि में 70-80-90% वेतन नियम खत्म, अब मिलेगा पूरा 100% वेतन |
क्या था 70-80-90% वेतन का विवाद?
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने 12 दिसंबर 2019 को एक परिपत्र (Circular) जारी किया था। इस नियम के अनुसार, नवनियुक्त कर्मचारियों को:
- प्रथम वर्ष: न्यूनतम वेतनमान का 70%
- द्वितीय वर्ष: न्यूनतम वेतनमान का 80%
- तृतीय वर्ष: न्यूनतम वेतनमान का 90% वेतन दिया जा रहा था
MP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला:
हाईकोर्ट ने प्रोबेशन अवधि में 70%–80%–90% वेतन देने के नियम को अवैध करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि जब सरकार कर्मचारियों से 100% काम लेती है, तो उन्हें 100% वेतन देना अनिवार्य है।
GAD का 12 दिसंबर 2019 का सर्कुलर रद्द कर दिया गया है और जिन कर्मचारियों की सैलरी काटी गई है, उन्हें एरियर सहित पूरा पैसा लौटाने के आदेश दिए गए हैं।
हाईकोर्ट ने प्रोबेशन अवधि में 70%–80%–90% वेतन देने के नियम को अवैध करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि जब सरकार कर्मचारियों से 100% काम लेती है, तो उन्हें 100% वेतन देना अनिवार्य है।
GAD का 12 दिसंबर 2019 का सर्कुलर रद्द कर दिया गया है और जिन कर्मचारियों की सैलरी काटी गई है, उन्हें एरियर सहित पूरा पैसा लौटाने के आदेश दिए गए हैं।
हाईकोर्ट का फैसला और मुख्य बिंदु
माननीय न्यायमूर्ति विवेक रूसिया एवं न्यायमूर्ति दीपक खोत की खंडपीठ ने 06 जनवरी 2026 को यह ऐतिहासिक आदेश पारित किया:
- समान कार्य – समान वेतन: प्रोबेशन पर नियुक्त कर्मचारी भी नियमित कर्मचारियों की तरह ही काम करते हैं, इसलिए वे 100% वेतन के हकदार हैं।
- भेदभावपूर्ण नीति: MPPSC एवं अन्य माध्यमों से नियुक्त कर्मचारियों के बीच वेतन में अंतर करना असंवैधानिक है।
- रिकवरी पर रोक: सभी प्रकार की वेतन कटौती एवं रिकवरी आदेश रद्द कर दिए गए हैं।
- पूरा एरियर मिलेगा: जिन कर्मचारियों को कम वेतन दिया गया, उन्हें बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा।
न्यायालय की टिप्पणी:“जब कर्मचारियों से पूरा कार्य लिया जा रहा है, तो प्रोबेशन के नाम पर कम वेतन देने का कोई तर्कसंगत आधार नहीं है।”
क्या यह लाभ सभी कर्मचारियों को मिलेगा?
- याचिकाकर्ताओं को तत्काल लाभ: जिन कर्मचारियों ने याचिका दायर की थी, उन्हें पूरा वेतन एवं वसूली गई राशि वापस मिलेगी।
- नियम ही रद्द: 12.12.2019 का मूल सर्कुलर निरस्त होने से यह नियम अब किसी पर लागू नहीं रहेगा।
- सामान्य आदेश की प्रतीक्षा: राज्य सरकार द्वारा सभी कर्मचारियों के लिए सामान्य आदेश जारी किया जाना शेष है।
📝 केस का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| केस नंबर | WP No. 12125/2021, 13195/2023 एवं अन्य |
| माननीय न्यायाधीश | जस्टिस विवेक रूसिया एवं जस्टिस दीपक खोत |
| आदेश की तिथि | 06 जनवरी 2026 |
| प्रमुख याचिकाकर्ता | वासिम अकरम एवं अन्य |
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